अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार का परचम लहराया – मुन्ना कुमार बने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो रेफरी, वसुंधरा सिंह ने जीते दो स्वर्ण पदक

अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार का परचम लहराया – मुन्ना कुमार बने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो रेफरी, वसुंधरा सिंह ने जीते दो स्वर्ण पदक
पटना/पोखरा। बिहार के मुन्ना कुमार ने ताइक्वांडो की दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए नेपाल के पोखरा में आयोजित 8वीं एशिया कप अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 27 से 29 जून तक आयोजित इस प्रतियोगिता में उन्होंने पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेफरी की भूमिका निभाकर न केवल बिहार बल्कि पूरे भारत का गौरव बढ़ाया।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, भारत सहित कई देशों के लगभग 500 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन वर्ल्ड ताइक्वांडो के नए नियमों के तहत किया गया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक सेंसर तकनीक का उपयोग कर मुकाबलों का संचालन हुआ।
मुन्ना कुमार की यह उपलब्धि बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। यह साबित करता है कि प्रतिबद्धता, मेहनत और समर्पण से कोई भी राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर पहचान बना सकता है।
वसुंधरा सिंह ने दो स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया भारत का मान
इस प्रतियोगिता में भारत की एक और प्रतिभाशाली खिलाड़ी वसुंधरा सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि देश के खेल क्षेत्र में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति को दर्शाती है।
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गर्व की बात
मुन्ना कुमार और वसुंधरा सिंह की सफलता ने साबित कर दिया है कि भारत की नई पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान को मजबूती से स्थापित कर रही है। इनकी उपलब्धियां न केवल ताइक्वांडो जैसे खेल को बढ़ावा देती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी प्रोत्साहित करती हैं।












