
शुभम् मरकाम
मितान भूमि समाचार
सामाजिक मंच के ‘कांग्रेसीकरण’ पर भाजपा का तीखा प्रहार
शीर्षक: “सामाजिक मर्यादा भूल गए भूपेश बघेल: बालोद के कुर्मी सम्मेलन को राजनीति का अखाड़ा बनाने पर भाजपा ने सिखाया सबक”
बालोद। बालोद जिले में आयोजित कुर्मी समाज के वार्षिक सम्मेलन में उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सामाजिक मंच का उपयोग विशुद्ध रूप से राजनीतिक लाभ और भाजपा सरकार पर अनर्गल आरोपों के लिए करना शुरू कर दिया। भाजपा ने बघेल के इस व्यवहार को ‘सामाजिक मूल्यों का अपमान’ करार देते हुए उन्हें कड़ी नसीहत दी है।
मुख्य बिंदु: भाजपा के तीखे सवाल
• समाज का मंच, या कांग्रेस की रैली? भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने बघेल को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “बघेल जी शायद यह भूल गए थे कि वे समाज के बीच खड़े हैं, न कि कांग्रेस की किसी चुनावी रैली में। जब मंच सामाजिक संवाद और एकता के लिए था, तो उसे राजनीतिक विष उगलने का केंद्र क्यों बनाया गया?”
• हताशा में मर्यादा खोती कांग्रेस: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने हमला जारी रखते हुए कहा कि सत्ता जाने के बाद भूपेश बघेल मानसिक हताशा के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की पहचान ही विवाद और आरोपों की रही है। अपने शासनकाल में धान खरीदी और भंडारण में हुई गड़बड़ियों पर चुप्पी साधने वाले बघेल आज पारदर्शिता के नाम पर तिलमिला रहे हैं।”
• जांच से डर रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री? भाजपा नेताओं का स्पष्ट आरोप है कि जब वर्तमान सरकार पिछली अनियमितताओं की जांच और व्यवस्था में सुधार कर रही है, तो कांग्रेस को ‘मिर्ची’ लग रही है। जनता को गुमराह करने के लिए बघेल हर मंच को सियासी ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
भाजपा की दो टूक: “राजनीति करनी है तो कांग्रेस का झंडा उठाएं”
भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री को केवल राजनीति ही करनी है, तो वे अपने दल के बैनर तले कार्यक्रम करें। सामाजिक कार्यक्रमों की एक गरिमा और मर्यादा होती है, जिसे बघेल ने तार-तार कर दिया है। बालोद की जनता और समाज ने बघेल के इस ‘कांग्रेसीकरण’ के प्रयास को सिरे से खारिज कर दिया है।
शुभम् मरकाम
मितान भूमि समाचार
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