इंडिया

पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ी

बिहार की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते शनिवार सुबह पटना के PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) में शिफ्ट किया गया है। 1995 के एक पुराने मामले में गिरफ्तारी के बाद उनकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने यह फैसला लिया।

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को मेडिकल जांच और शुरुआती उपचार के लिए IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) में भर्ती कराया गया था। हालांकि, स्वास्थ्य स्थिति में सुधार न होने और स्थिति के अधिक गंभीर होने के कारण डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए PMCH रेफर कर दिया गया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों की एक विशेष टीम पप्पू यादव की सेहत की लगातार निगरानी कर रही है। उनकी अचानक बिगड़ी हालत को देखते हुए अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और उनके समर्थकों व परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है। समर्थक लगातार उनके बेहतर स्वास्थ्य और उचित इलाज की मांग कर रहे हैं।

पप्पू यादव की वर्तमान मुश्किलों की जड़ 31 साल पुराने एक कानूनी मामले में छिपी है। यह मामला वर्ष 1995 का है, जब पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी के जरिए उनका मकान किराए पर लिया था।

आरोप के अनुसार, किराए पर लेते समय यह जानकारी छिपाई गई थी कि उस मकान का उपयोग सांसद कार्यालय के रूप में किया जाएगा। इसी धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कानूनी लड़ाई दशकों से चल रही है, जिसने अब गिरफ्तारी का रूप ले लिया है।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी और फिर अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैलते ही पटना में उनके समर्थकों का जुटना शुरू हो गया है। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है, हालांकि प्रशासन इसे केवल अदालती आदेश का पालन बता रहा है। PMCH प्रशासन ने अपील की है कि अस्पताल में भीड़ न बढ़ाई जाए ताकि सांसद के इलाज में कोई बाधा उत्पन्न न हो। फिलहाल पूरा बिहार इस हाई-प्रोफाइल मामले और सांसद के स्वास्थ्य अपडेट पर नजरें गड़ाए हुए है।

इस मामले में हाल ही में पटना की एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत ने सख्त रुख अपनाया था। लंबे समय तक अदालत में पेश न होने और समन की अनदेखी करने के कारण कोर्ट ने पप्पू यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था।

इससे पहले भी अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट और इश्तेहार जारी किए गए थे, लेकिन उन पर अमल नहीं हो सका था। इसी अदालती आदेश के अनुपालन में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। वर्तमान में वे पुलिस हिरासत में उपचाराधीन हैं और उनकी कानूनी टीम जमानत के लिए प्रयास कर रही है।

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