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MP News : शराब फैक्ट्री में मिले 50 से ज्यादा बच्चे; स्कूल बसों में भरकर लाते थे, 15-15 घंटे करवाते थे मजदूरी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित रायसेन जिले में शनिवार को पुलिस ने सोम डिस्टिलरी नाम की शराब फैक्ट्री में छापा मारा, यहां पर शराब बनाने के काम में 50 से ज्यादा बच्चे काम करते पाए गए। जिसके बाद इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष से मिली शिकायत के बाद पुलिस ने की।

इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा, ‘हमें बचपन बचाओ आंदोलन एनजीओ से शिकायत मिली थी कि मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सेहतगंज में सोम डिस्टलरी नाम की एक शराब फैक्ट्री में बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। आज मैंने यहां आकर निरीक्षण किया और यहं पाया कि 50 से अधिक बच्चे यहां शराब बनाने के काम में संलग्न थे। उन बच्चों को हम रेस्क्यू करने की कार्रवाई कर रहे हैं।’

‘इन बच्चों को स्कूल बसों में लाया जाता था। स्कूल बसें भी यहां खड़ी मिली हैं। इन बच्चों को बेहद कम पारिश्रमिक दिया जाता था, 15-15 घंटे उन परिस्थितियों में काम करवाया जाता था, जहां आप और हम खड़े भी नहीं हो सकते। ये किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत गैर जमानती अपराध है, हम एफआईआर करवा रहे हैं, इसके मालिक को गिरफ्तार करवाएंगे।’

उन्होंने कहा कि ‘बाल आयोग इस मामले को अंत तक पहुंचाने के लिए काम करेगा, ताकि इन अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई हो और उन्हें उचित सजा मिले। हम इस फैक्ट्री के मालिकों के खिलाफ मुकदमा करवाएंगे।’

कानूनगो ने शराब फैक्ट्री में मिले बच्चों की हालत बताते हुए कहा, ‘आप इन बच्चों के हाथ देखिए, उनके हाथों की त्वचा गल चुकी है। 14 साल, 15 साल, 6वीं क्लास के, नौवीं क्लास के बच्चे शराब बनाने का काम कर रहे हैं। ये अमानवीय है, ये पाप है, ये अक्षम्य पाप है, इसलिए ना केवल इन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि इनको जेल भेजा जाए और इनको सजा मिले, आयोग यह भी सुनिश्चित करेगा।’

आगे उन्होंने कहा, ‘आयोग इस बात को सुनिश्चित करने की कोशिश भी करेगा कि इन बच्चों का पुनर्वास हो सके और इन्हें मुआवजा मिल सके, इन सबकी निगरानी भी आयोग खुद करेगा। हम यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगे कि इन बच्चों को यहां अगवा करके या तस्करी करके तो नहीं लाया गया था। हम इसके लिए भी पुलिस को पत्र भी लिख रहे हैं।’

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