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निकाय चुनावों में गठबंधन को लेकर आए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान, अटकलें तेज

नागपुर: स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन को लेकर आए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान के बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या मनपा व जेडपी चुनाव भाजपा स्वतंत्र लड़ने के मूड में है। लोकसभा व विधानसभा चुनाव में जिन मित्रदलों का सहयोग लिया गया; उन्हें ताक पर रख दिया जाएगा।

नागपुर मनपा चुनाव के संदर्भ में विधानसभा चुनाव में भारी सफलता मिलने के बाद से ही भाजपा के नेता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का वक्तव्य देते आए हैं। यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी कई बार दोहराया है कि यह कार्यकर्ताओं का चुनाव है और उनकी भावनाओं के अनुरूप ही निर्णय लिए जाएंगे।

भाजपा के आलानेताओं के वक्तव्यों से विधानसभा व लोकसभा चुनाव में भाजपा का जी-जान से साथ देने वाली पार्टी राकां अजित पवार और शिंदे शिवसेना के स्थानीय पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है। वे बीजेपी से गठबंधन धर्म का पालन करने की अपील भी कर रहे हैं। साथ ही चेतावनी भी दे रहे हैं कि अगर उनके साथ धोखा किया गया तो वे हर सीट पर उम्मीदवार उतारकर भाजपा उम्मीदवारों की राह का रोड़ा बनेंगे।
15 वर्षों से लहराता रहा है भगवा

मनपा नागपुर में 15 वर्षों तक लगातार भाजपा की सत्त पूर्ण बहुमत से रही है। लोस, विस चुनाव की तगड़ी जीत औ देश में बदले हुए वातावरण का लाभ बीजेपी क मिलने की संभावना अधिक है।

यही कारण है कि भाजपा के स्थानीय नेत व पदाधिकारी किसी भी पार्टी को साथ में नहीं लेन चाहते। वहीं महायुति में शामिल घटक दल राक अजित पवार पार्टी की ओर से 40 सीटों की मांग की ज रही है तो शिंदे सेना भी 20 सीटों की मांग कर रही है।

बीजेपी नेताओं की ओर से जो माहौल तैयार किया ज रहा है उससे यह पक्का समझा जा रहा है कि मनपा चुनाव में वह अपने सहयोगी दलों को डच्चू देकर अपने दम पर सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा।
जिले में हो सकता है सीटों का बंटवारा

जिले में भाजपा की स्थिति सिटी से कुछ अलग है। वर्ष 2020 के जिला परिषद चुनाव में भाजपा को कांग्रेस ने जोरदार पटकनी देते हुए पूर्ण बहुमत से कब्जा कर लिया था। 58 सदस्यों वाली जेडपी में भाजपा 14 सीटों पर ही सिमट गई थी। इसलिए जिला परिषद में अपनी वापसी के लिए बीजेपी अपने सहयोगी दलों राकां व शिंदे सेना के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी, यह संभावना अधिक है।

इसका कारण यह भी है कि शिंदे सेना से विधायक बने राज्य मंत्री आशीष जायसवाल रामटेक, मौदा, सावनेर आदि क्षेत्र में उम्मीदवार देंगे। वहीं काटोल, हिंगना सहित कुछ सर्कल में राकां अजित पवार गुट अपने उम्मीदवार जरूर उतारेगा। समझा जा रहा है कि जेडपी में वापसी के लिए तीनों दल एकजुट होकर लड़ेंगे, इसकी पूरी संभावना है।

शिंदे सेना कम से कम 10 सीटें मांगेगी। वहीं राकां उन सभी सीटों पर दावा ठोकेगी जिस पर बीते चुनाव में संयुक्त राकां के 8 उम्मीदवार चुनकर आए थे। इस बार नई सर्कल रचना में कुल सीटों की संख्या 55-56 हो सकती है। भाजपा 35 से अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है।

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