
टीएनसीए फर्स्ट डिवीजन लीग में मंगलवार को एक स्पिनर ने इतिहास रच दिया। सी हॉक्स के बाएं हाथ के स्पिनर डीटी चंद्रशेखर ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलता है। ग्लोब ट्रॉटर्स के खिलाफ दूसरे दिन डीटी चंद्रशेखर ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से पूरी टीम को लपेट दिया। उन्होंने महज 37 रन देकर सभी 10 विकेट झटके और अपनी टीम को शानदार 10 विकेट की जीत दिलाई।
बिना रुके 15 ओवरों का स्पेल उन्होंने डाला और परफेक्ट 10 हासिल किया। इस परफेक्ट टेन से न सिर्फ मैच का रुख पलटा, बल्कि चंद्रशेखर का नाम रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज हो गया। इससे पहले भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर एम. वेंकटारमणा ने 1991-92 सीजन में इंडियन बैंक की ओर से सदर्न रेलवे के खिलाफ 96 रन देकर 10 विकेट एक पारी में हासिल किए थे। घरेलू डिवीजन क्रिकेट में ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद चंद्रशेखर ने बताया कि कब उनको लगा था कि वे 10 विकेट ले सकते हैं।
द हिंदु की रिपोर्ट की मानें तो चंद्रशेखर ने कहा है कि छह-सात विकेट लेने के बाद उनको लगा कि वे 10 विकेट ले सकते हैं। मैच के बाद भावुक चंद्रशेखर ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। किसी भी स्तर पर 10 विकेट लेना दुर्लभ होता है, इसलिए यह बहुत खास है। जब मैंने छह या सात विकेट ले लिए थे, तब लगा कि मेरे पास सभी 10 विकेट लेने का मौका है।”
32 वर्षीय चंद्रशेखर एक साधारण सी पृष्ठभूमि से आते हैं और मार्कर के तौर पर काम भी कर चुके हैं। उन्होंने 2015-16 सीजन में अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था और 5 मैचों में 18 विकेट चटकाए थे, लेकिन तमिलनाडु जैसी स्पिन टैलेंट से भरपूर टीम में उन्हें आगे मौका नहीं मिल पाया। चंद्रशेखर ने बताया कि पिछले कुछ सालों में उन्होंने अपने खेल पर खूब मेहनत की है।












