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​रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में तीन श्रमिकों की मौत ‘हत्या’ के समान, प्रबंधन और अस्पताल पर हो कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को मिले 50-50 लाख का मुआवजा: मिथलेश साहू

​रायपुर: राजधानी के प्रतिष्ठित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई तीन श्रमिकों की दर्दनाक मौत पर आम आदमी पार्टी के नेता मिथलेश साहू ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही बताते हुए इसे ‘संस्थागत हत्या’ करार दिया है।

​मुख्य बिंदु:
​सुरक्षा मानकों की अनदेखी: मिथलेश साहू ने सवाल उठाया कि इतने बड़े अस्पताल में बिना किसी आधुनिक मशीनरी और बिना सुरक्षा उपकरणों (Safety Gear) के श्रमिकों को टैंक के भीतर क्यों उतारा गया? क्या अस्पताल प्रबंधन के लिए गरीब मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं है?

​दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई: उन्होंने मांग की है कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। केवल कागजी जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू होनी चाहिए।

​मुआवजे की मांग: मिथलेश साहू ने सरकार और अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

​”यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो अस्पताल लोगों को जीवन देने का दावा करता है, वहीं सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर तीन जिंदगियों को मौत के मुंह में धकेल दिया गया। हम इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक आंदोलन करेंगे।”
— मिथलेश साहू, नेता, आम आदमी पार्टी

​मिथलेश साहू ने जिला प्रशासन से भी आग्रह किया है कि शहर के सभी बड़े संस्थानों में सेप्टिक टैंक और सीवरेज की सफाई के लिए अनिवार्य रूप से मशीनों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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