छत्तीसगढ़ में परंपरागत कमर छठ पर्व का आयोजन आज

छत्तीसगढ़ में परंपरागत कमर छठ पर्व का आयोजन आज

रायपुर।कमल विहार सेक्टर 04 कमल हाईट सोसाइटी के शिव हनुमान मंदिर में कॉलोनी के सभी महिलाओं पूजा की वहीं हमारे टिम ने जब अंजुलता साहू से बात की तो उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत में अनेक पारंपरिक पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं, जिनमें कमर छठ एक विशेष महत्व रखता है। यह पर्व विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और नवप्रसूता माताओं की स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु की कामना के लिए मनाया जाता है।

कमर छठ श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और विशेष पूजन कर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं। मान्यता है कि यह पर्व गर्भवती महिलाओं की सुखद एवं सुरक्षित प्रसूति के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। साथ ही यह महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में लोक आस्था से जुड़ा हुआ पर्व है।

इस अवसर पर महिलाएं घरों में या गांव की चौपालों में एकत्र होकर लोकगीत गाती हैं, पूजा करती हैं और पारंपरिक पसेर चावल से बने प्रसाद को बनाती हैं। मिट्टी से बनी देवी की मूर्ति की पूजा की जाती है, जिसे ‘कमरिन देवी’ या ‘षष्ठी माता’ कहा जाता है। पूजा के बाद महिलाएं परस्पर मंगलकामनाएं करती हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार एवं संस्कृति विभाग की ओर से भी इस पर्व को संरक्षण देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस लोकधरोहर से जोड़कर रखा जा सके।













