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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से कबीरधाम में प्रदेश में सबसे ज्यादा 48 नई समितियों का गठन

छत्तीसगढ़ October 22, 2026 • रिपोर्टर: Shubham Markam
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से कबीरधाम में प्रदेश में सबसे ज्यादा 48 नई समितियों का गठन

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से कबीरधाम में प्रदेश में सबसे ज्यादा 48 नई समितियों का गठन

कबीरधाम में 37 नए धान खरीदी केंद्र भी खुले, किसानों को घर के नजदीक धान बेचने की मिलेगी सुविधा

रायपुर,  किसानों को धान बेचने के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें अपने क्षेत्र में ही खरीदी की सुविधा मिले, इसके लिए कबीरधाम जिले में सहकारी समितियों का विस्तार किया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की पहल से कबीरधाम जिले में प्रदेश में सर्वाधिक 48 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इसके साथ ही 37 नए धान उपार्जन केंद्र भी खोले गए हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में कुल 525 नई सहकारी समितियां गठित की गई हैं, जिनमें सबसे अधिक 48 समितियां कबीरधाम जिले में हैं।

नई समितियों और खरीदी केंद्रों से किसानों को धान बेचने के लिए नजदीकी विकल्प मिलेंगे। इससे दूर के केंद्रों तक धान ले जाने में लगने वाले समय और परिवहन खर्च में कमी आएगी। जिले में धान खरीदी व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य के सुचारू, व्यवस्थित एवं पारदर्शी संचालन के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने धान खरीदी की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने तथा किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

*गांवों की सूची पढ़कर सुनाई गई*

धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिले के सभी 145 पुराने एवं नवीन सहकारी समितियों तथा धान उपार्जन केंद्रों में ग्रामों के संलग्नीकरण से संबंधित गैपिंग आदेश का वाचन आज गांवों में किया गया। इस दौरान संबंधित ग्रामों के सरपंच, पंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं किसानों की उपस्थिति में सूची का वाचन किया गया। वाचन प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में ग्रामों का संलग्नीकरण किसानों की सुविधा के अनुरूप एवं सर्वमान्य हो। जिले में नवीन समितियों के गठन एवं नए धान उपार्जन केंद्रों की स्थापना से किसानों को स्थानीय स्तर पर धान विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

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