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Sanchita Ugale के पिता का दावा- बेटी को टॉर्चर किया जा रहा था, दबाव में थी, पैसों की मांग की जा रही थी

टीवी सीरियल ‘कुमकुम भाग्य’ और फिल्म ‘छावा’में नजर आईं एक्ट्रेस संचिता उगले की मौत का मामला अब और जोर पकड़ता जा रहा है। एक्ट्रेस ने 14 जून को अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। उसके बाद से संचिता की मौत के मामले में हर दिन कोई न कोई अपडेट सामने आ रहा है। संचिता के को-स्टार्स तक ने कई दावे किए, और इस बीच अब पिता ने भी चौंकाने वाला दावा किया है। संचिता उगले के पिता का दावा है कि उनकी बेटी को टॉर्टर किया जा रहा था। उसका हैरेसमेंट हो रहा था और वह बहुत दबाव में थी। जहां संचिता उगले की मौत की जांच चल रही है, वहीं परिवार ने बेटी द्वारा झेले जा रहे दबाव, इमोशनल स्ट्रगल और उन परिस्थितियों के बारे में बात की है, जिनके कारण एक्ट्रेस ने मौत को गले लगा लिया। संचिता के पिता का कहना है कि उनकी बेटी बहुत डिप्रेशन में थी। कभी-कभी ऐसा होता था कि वह एक पल खुश होती और अगले ही डिप्रेशन में चली जाती थी। संचिता उगले के पिता मछिंद्र उगले ने ‘एनडीटीवी’ को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि उनकी बेटी को कुछ मांगों को लेकर लगातार दबाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। वह बोले, ‘वह परेशान रहती थी। उसने हमें कभी असल वजह नहीं बताई, लेकिन वह अकसर परेशान रहती थी। यहां तक कि जब वह अच्छे मूड में दिखती थी, तब भी अचानक उदास हो जाती थी।’ संचिता के पिता ने फिर बताया कि परिवार ने बेटी के व्यवहार में बदलाव देखा था, और उसके बाद से जितना हो सके, सब उसके करीब रहने की कोशिश करते थे। पिता के मुताबिक, वह अकसर संचिता के साथ रहते थे क्योंकि उन्हें पता था कि बेटी अकसर परेशान रही थी। हालांकि, ऐसा कभी नहीं सोचा था कि उसकी मानसिक परेशानी इतनी बढ़ जाएगी कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी। परिवार का दुख जाहिर करते हुए संचिता के पिता ने कहा, ‘हमने यह देखा था, इसीलिए हम रोज उसके साथ रहते थे। बस आधे घंटे के लिए हम उसके साथ नहीं थे, और आप इसे हमारी गलती मान सकते हैं। लेकिन हमें जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह इतने गहरे डिप्रेशन में चली गई है कि ऐसा कदम उठा लेगी।’ संचिता के मछिंद्र उगले ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी को लगातार परेशान किया जा रहा था और उस पर दबाव डाला जा रहा था। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि इसके लिए कौन जिम्मेदार था, लेकिन उन्होंने दावा किया कि उससे बार-बार मांगें की जा रही थीं, जिनमें पैसे से जुड़ी बातें भी शामिल थीं। इससे उसकी परेशानी और बढ़ गई थी। इन चिंताओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमने उससे बात की थी, लेकिन उसे टॉर्चर किया जा रहा था। कोई न कोई उसे परेशान कर रहा था, पैसे या दूसरी चीजों को लेकर मांगें कर रहा था, और उस पर लगातार दबाव बना रहा था और उसे परेशान कर रहा था। यह किसी न किसी रूप में हो रहा था। सच तो मेरे सामने आ ही जाएगा, लेकिन ऐसा निश्चित रूप से हो रहा था।’ संचिता उगले के पिता ने अब बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई है और अधिकारियों से अपील की है कि वो उनकी बेटी की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की अच्छी तरह से जांच करें। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदारी तय करें। अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा, ‘प्रशासन से मेरी बस एक ही गुजारिश है कि मेरी बेटी के साथ जो कुछ भी गलत हुआ है, उसे न्याय मिलना चाहिए। मेरी बेटी, और असल में भारत की सभी बेटियां… आखिर वह मेरी बेटी है। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए, और भारत की हर बेटी को न्याय मिलना चाहिए। सिर्फ मेरी बेटी को ही नहीं, बल्कि देश भर की सभी बेटियों को।’ संचिता उगले की लाश 14 जून को उनके घर के छत पर फांसी के फंदे से लटकी मिली थी। परिवार एक्ट्रेस को तुरंत वसई-विरार म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल का मुआयना करने पर वहां से कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली और कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ। संचिता माता-पिता और बहन के साथ महाराष्ट्र के पालघर में रहती थीं। रविवार, 14 जून की शाम करीब 5:30 बजे बहन जब घर से बाहर गई, तो उसी दौरान संचिता ने साड़ी का फंदा बनाया और पंखे पर लटककर फांसी लगा ली। उधर, अब संचिता उगले की वॉट्सऐप चैट सामने आई है, जिससे पता चला है कि वह अपने भविष्य को लेकर परेशान थीं। पुलिस संचिता के मोबाइल फोन और वॉट्सऐप चैट खंगाल रही थी और उसी में एक्ट्रेस की अपने मनोचिकित्सक के साथ चैट सामने आई है। इसके मुताबिक, संचिता को बुरे सपने आते थे। संचिता को डायलॉग याद रखने में भी दिक्कत हो रही थी। संचिता कुछ महीनों से एक मनोचिकित्सक से इलाज करवा रही थीं। पर हालत में सुधार न होने पर वह परेशान थीं। उन्होंने यह बात अपने मनोचिकित्सक को भी बताई और चैट में लिखा था कि वह अपने काम को अब उस तरह से नहीं कर पा रही हैं, जैसे पहले करती थीं। डायलॉग भूलने के कारण उन्हें काम में परेशानी होने लगी है।

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