शासन के कथित अवैध कब्जे पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य शासन एवं विद्युत विभाग को नोटिस जारी…

शासन के कथित अवैध कब्जे पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य शासन एवं विद्युत विभाग को नोटिस जारी…

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने धरसींवा क्षेत्र के ग्राम कन्हेरा स्थित चारागाह भूमि से जुड़े मामले में गंभीर संज्ञान लेते हुए राज्य शासन एवं विद्युत विभाग को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने संबंधित पक्षों से 29 जून 2026 तक तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की पैरवी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश सिंह बघेल द्वारा की जा रही है। किसान नेता एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चन्द्रशेखर शुक्ला ने बताया कि ग्राम कन्हेरा की उक्त भूमि उनके पूर्वज स्वर्गीय लोकनाथ शुक्ला सहित अन्य किसान परिवारों द्वारा गांव के पशुओं के चारागाह हेतु स्वेच्छा से उपलब्ध कराई गई थी। यह भूमि आज भी शासकीय अभिलेखों एवं राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम से दर्ज है।
आरोप है कि राज्य शासन ने संबंधित भूमि को बिना ग्रामवासियों की सहमति एवं अनुमति के CSPDCL विद्युत विभाग को सौंप दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि निजी कृषि एवं चारागाह भूमि है, जिस पर जबरन कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
ग्राम कन्हेरा की सरपंच यासमीन सुखनंदन जांगड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कहा कि यह उनके पूर्वजों की भूमि है और वे इसका एक डिसमिल हिस्सा भी किसी योजना के लिए देने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का दावा है कि मेटल पार्क क्षेत्र में विद्युत सब-स्टेशन निर्माण के लिए पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, लेकिन लागत बचाने के उद्देश्य से गांव की निजी भूमि का अधिग्रहण करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों एवं किसान नेताओं ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी। मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने को ग्रामीणों ने न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
किसान नेता चन्द्रशेखर शुक्ला ने विश्वास व्यक्त किया है कि माननीय उच्च न्यायालय ग्रामवासियों के अधिकारों की रक्षा करते हुए न्यायसंगत निर्णय देगा। अब इस मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 29 जून 2026 को होने की संभावना है, जब शासन एवं विद्युत विभाग को अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।












