नाखूनों का रंग और आकार बताएगा सेहत का हाल, इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

नाखूनों को अक्सर सिर्फ सुंदरता और पर्सनैलिटी का हिस्सा माना जाता है, लेकिन इनमें होने वाले कुछ बदलाव शरीर की सेहत के बारे में गंभीर संकेत देते हैं। नाखूनों का पीला पड़ना, बार-बार टूटना, सफेद दाग, गड्ढे या असामान्य आकार कई बार शरीर में विटामिन की कमी के बारे में बताते हैं।
नाखूनों का पीला पड़ना
नाखूनों का पीला होना उम्र बढ़ने, नेल पॉलिश या स्मोकिंग की वजह से हो सकता है। लेकिन नाखूनों में फंगल इंफेक्शन भी इसका एक कारण है। इसमें नाखून पीले या पीले-भूरे दिखाई देने के साथ मोटे, कमजोर और आसानी से टूटने वाले हो जाते हैं। यह सोरायसिस के भी लक्षण हो सकते हैं।
सूखे और कमजोर नाखून
अगर नाखून बार-बार टूटते या परतदार होते हैं, तो इसके पीछे रोजमर्रा की कुछ आदतें हो सकती हैं, जैसे- क्लोरीन वाले पानी में ज्यादा समय बिताना, नेल पॉलिश रिमूवर का अधिक इस्तेमाल और बिना ग्लव्स के बार-बार बर्तन धोना नाखूनों को कमजोर करता है। नाखूनों का कमजोर रहना एक्जिमा, सोरायसिस या हाइपोथायरॉइडिज्म के भी लक्षण हो सकते हैं।
नाखूनों पर सफेद दाग
नाखूनों पर छोटे-छोटे सफेद निशान बहुत आम हैं और ज्यादातर मामलों में गंभीर नहीं होते। आम धारणा के विपरीत, हर सफेद दाग कैल्शियम की कमी का संकेत नहीं होता। अक्सर ये नाखून के बढ़ने वाले हिस्से पर मामूली चोट या दबाव की वजह से दिखाई दे सकते हैं।
नाखून पर तिरछी रेखाएं
नाखून पर गहरी लाइनें या खांचे को Beau’s lines कहा जाता है। ये तब दिखाई देते हैं, जब नाखून की ग्रोथ रूक जाए। तेज बुखार या किसी गंभीर बीमारी के बाद भी ऐसी रेखाएं दिखाई दे सकती हैं। कुछ मामलों में दवाओं या कीमोथेरेपी का संबंध भी इससे हो सकता है।












