महासमुंद की बेटी कृतिका बाफना ने बढ़ाया मान, देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM लखनऊ में हुआ चयन

महासमुंद की बेटी कृतिका बाफना ने बढ़ाया मान, देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM लखनऊ में हुआ चयन

महासमुंद।
“सफलता उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।”
इन प्रेरणादायी पंक्तियों को सार्थक करते हुए महासमुंद की होनहार सुपुत्री कु. कृतिका बाफना ने अपनी अथक मेहनत, दृढ़ संकल्प और अद्वितीय प्रतिभा के बल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कृतिका का चयन देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में शुमार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ (IIM Lucknow) में हुआ है। उनकी इस सफलता से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि संपूर्ण महासमुंद जिला और जैन समाज गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
नौकरी के साथ की कठिन तैयारी
कृतिका ने अपनी प्रारंभिक उच्च शिक्षा देश के प्रतिष्ठित संस्थान सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (SVNIT), सूरत से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पूरी की है। इंजीनियरिंग के बाद वे एक कॉर्पोरेट संस्थान में अपनी व्यावसायिक जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही थीं। नौकरी की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद, उन्होंने कड़े अनुशासन, समर्पण और सटीक रणनीति के साथ देश की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रबंधन प्रवेश परीक्षा (CAT) की तैयारी की और यह मुकाम हासिल किया।
उनकी यह सफलता आज के उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो काम या नौकरी के साथ अपने बड़े सपनों को पूरा करना चाहते हैं। कृतिका ने साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और संकल्प दृढ़ हो, तो जिम्मेदारियों के बीच भी सफलता के सर्वोच्च शिखर को छुआ जा सकता है।
संस्कारों और पारिवारिक मार्गदर्शन की भूमिका
कृतिका महासमुंद के प्रतिष्ठित बाफना परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वे श्री अजय बाफना एवं श्रीमती सरल बाफना की सुपुत्री तथा श्री गौतमचंद बाफना एवं श्रीमती सुशीला देवी बाफना की सुपौत्री हैं। कृतिका ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के अटूट सहयोग, दादा-दादी के आशीर्वाद और परिवार से मिले संस्कारों व सही मार्गदर्शन को दिया है, जिसने उनके हौसले को हमेशा बनाए रखा।












